
बेटे कहना मानते नहीं ...कर्मचारियों के पास हैं सौ बहाने.
आज ही मेरे एक मित्र ने एक ऐसी ई-मेल प्रेषित की कि मै देख कर हैरान रह गया!
लिंक नीचे दे रहा हूं..यहाँ से आप इसे अपने ब्राउज़र पर चिपका लें और देखें एक अफ़लातून नज़ारा..आपके कहने पर
क्या कोई इतना समर्पित हो सकता है?
एक मज़ेदार लिंक है ये...बच्चों ...बूढों सभी को मज़ा देगी.
वक़्त काटने के लिये एकप्यारा खिलौना है ये...
मन में जो आए कहिये उससे..जो उस विज़्युअल में मौजूद है
जहाँ तक मुमकिन होगा वह आपका हुक़्म बजा लाएगा.
समझिये अलादीन का चिराग़ है वह..
जैसे ही वह कंप्यूटर पर काम करता नज़र आए...नीचे दिये हुए बाँक्स में आदेश दे डालिये.
अंग्रेज़ी में लिखना होगा अपना हुक़्म...
स्टैंण्ड अप....राईट आँन दि व्हाइट बोर्ड,ईट फ़्रूट या काँल योर माँम...
या और कुछ ..( ये सब तो मैने कहा था और हुआ )
बस दिक़्कत यही है कि भाई अंग्रेज़ी ही समझता है...
उम्मीद है एक दिन हमारी ब्लाँग बिरादरी के निष्णांत कलाकार बंदे को
हिन्दी में भी हुक़्म बजा लाना सिखा ही देंगे.
आमीन.
http://www.subservientprogrammer.com/main.aspx