Saturday, July 21, 2007

कभी कभी चित्र ...शब्द से बेहतर बोलते हैं


इस चित्र की इबारत कहती है....
Save Trees ...Trees Save.क्या इस तरह के चित्र देखकर भी हमारी समवेदनाएं हमें निसर्ग के प्रति प्यार नहीं जगाती ?

3 comments:

सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव said...

आपने जिस नज़र से चित्र को देखा और उसकी व्याख्या की, वो सचमुच काबिले तारीफ है. पेड़ों को बचाने की मुहिम में ये तस्वीर काफी प्रभावी साबित हो सकती है

Vikram Pratap Singh said...

यक़ीनन चित्र बोलता भी है और एहसास भी कराता है, पर्यावरण के पार्टी जागरूकता एक मिशन है और एह चित्र उस मिशन का वाहक. आपका प्रयास काबीले तारीफ़ है ...........

संजय बेंगाणी said...

क्या बात है, छुपे संदेश को समझने वाली आँखे भी चाहिए.