




मित्रों..वंदेमातरम.
जुलाई का अंतिम सप्ताह प्रारंभ होने वाला है.नज़दीक आ रहा है अगस्त का महीना...स्वातंत्र्य उत्सव इस बार दो संयोग लेकर आ रहा है.प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 1857 के डेढ़ सौ वर्ष पूर्ण हो रहे है और इस बार का स्वतंत्रता दिवस हमारे लिये हीरक जयतीं वर्ष की सौग़ात लेकर आ रहा है.यानी आज़ादी के साठ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं इस 15 अगस्त को.मै एक छोटी सी एडवरटाईज़िंग एजेंसी चलाता हूँ ..मेरी क्रिएटिव टीम ने इन दो राष्ट्रीय स्वाभिमान के प्रसंगों के लिये शुभंकर (लोगो) रचे हैं . इन्हे मै ब्लागर बिरादरी को सौंपते हुए अति-प्रसन्नता का अनुभव करता हूँ.राष्ट्रप्रेम कभी भी मेरे लिये पार्ट-टाइम पसंद या चोचला नहीं रहा है और मेरा मानना है कि मुल्क से मुहब्बत किसी उत्सव और तारीख़ की मोहताज नही रहती.ब्लाँग पर जारी करने का उद्देश्य है कि आप सब इसे अपने ब्लाँग पर बेझिझक इस्तेमाल करें..स्टेशनरी पर लगाएं..स्टीकर बनाएं...पोस्टर बनाएं..दफ़्तर में लगाएं ..घर पर सजाएं...कोई काँपी राइट नहीं ..कोई कमर्शियल अपेक्षा नहीं....किसी नामोल्लेख की ज़रूरत नहीं...जितनी जल्द यह सब होगा इन दो गौरव प्रसंगों की भाव-भूमि बनेगी.बस आशा इतनी भर है कि आपको ये प्रयास ठीक ठाक लगे तो दो प्यार भरे बोल लिख भेजियेगा..हमारी टीम को मेहनत सार्थक हो जाएगी..यदि आप पृथक से इसे ई-मेल पर मंगवाना चाहते हैं तो मुझे विशेष रूप से adraag@gmail.com पर सूचित करें.ब्लाँग बिरादरी से मिले स्नेह के एवज़ में ये प्रयास छोटा ज़रूर है लेकिन इसके पीछे छुपा राष्ट्रप्रेम काजज़्बा बडा़ है ...नेक है...जय हिंद.