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Sunday, May 1, 2011

नरहरि पटेल को आंचलिक रचनाकार सम्मान


भोपाल के दुष्यंतकुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय के तत्वावधान में आयोजित एक विशेष समारोह में मालवा के वरिष्ठ कवि एवं संस्कृतिकर्मी श्री नरहरि पटेल को आंचलिक रचनाकर सम्मान से नवाज़ा गया. इस अवसर पर वरिष्ठ कवि श्री राजेश जोशी को दुष्यंतकुमार अलंकरण,कवि प्रो.भगवत रावत एवं कहानीकार श्रीमती मालती जोशी को सुदीर्घ साधना सम्मान तथा श्री इक़बाल मजीद को अमृत साधना सम्मान से विभूषित किया गया. सी.वी.रमन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री संतोष चौबे के मुख्य आतिथ्य एवं सागर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और वरिष्ठ आलोचक डॉ.धनंजय वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में साहित्य तथा संस्कृति के जाने माने हस्ताक्षरों ने शिरक़त की.

संतोष चौबे ने अपने उदबोधन में कहा कि अपने समय के महत्वपूर्ण रचानाकारों को सम्मानित करना एक अदभुत अनुभव है. डॉ.धनंजय वर्मा ने ने कहा कि दुष्यंतकुमार संग्रहालय अल्प समय में साहित्यिक पर अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज़ चुका है और इसके द्वारा किये जा रहे सुकार्य अत्यंत ठोस हैं.डॉ.वर्मा ने सम्मानित साहित्यकारों को बधाई देते हुए उन्हें सामाजिक सरोकारों के प्रति सजग रहने पर बधाई भी दी.
कविवर नरहरि पटेल ने सम्मान पर प्रतिभावना व्यक्त करते हुए कहा कि ये मेरा सम्मान तो है ही साथ ही मालवा के उस भावुक आदमी का सम्मान भी है जो हर हाल में गाता है और अपनी मिट्टी और तहज़ीब का दामन नहीं छोड़ता. उल्लेखनीय है कि नरहरि पटेल ने मालवी ग़ज़ल के क्षेत्र में अनूठा कार्य किया है और उनकी रचनाएं पूरे परिवेश की नुमाइंदगी करतीं हैं. नरहरिजी ने कहा कि उन्हें दुष्यंतकुमार की ग़ज़लों से ही मालवी ग़ज़ल में काम करने की प्रेरणा मिली अत: दुष्यंतकुमार संग्रहालय में सम्मानित होगा वाक़ई विशेष गौरव और आनंद की अनुभूति दे रहा है.आरंभ में श्री नरेन्द्र दीपक ने संस्था का परिचर दिया तया आभार संग्रहालय के अध्यक्ष श्री रामराव वामनकर ने माना.सम्मानित रचानकारों और अतिथियों का परिचय देते हुए राजुरकर राज ने सम्मान समारोह का भावपूर्ण संचालन किया.।