
ब्लॉग बिरादरी की एक अत्यंत स्नेहल क़िरदार...लावण्या शाह.रहतीं हैं अमेरिका में लेकिन दिल है हिन्दुस्तानी. वे परिवेश,संगीत,कविता,छायाकारी के शानदार सिलसिले अपने ब्लॉग पर जारी रखती हैं.आज (22 सितम्बर ) उन्होंने मेरे जन्मदिन पर एक पोस्ट लिख डाली लेकिन उनका बड़प्पन देखिये कि यह नहीं बताया कि आज स्वयं उनका जन्मदिन भी है. मैं उन्हें बड़े नेह से मोटाबेन (हिन्दी में कहूँ तो बड़ी बहन) कहता आता रहा हूँ और वे भी बड़ी बहन जैसा स्नेह देतीं रहीं है. एक दिन चैट पर अनायास लावण्या बेन ने मेरी जन्मतिथि पूछ ली और मज़ा देखिये कि तारीख़ सुनते ही वे इस संयोग को जानकर चमत्कृत सी थीं कि उनकी मेरी जन्मतिथि एक ही है यानी 22 सितम्बर। एक और सयोग यह कि हम दोनो को परिवार में कविता और संगीत विरासत में मिला है. आप सब जानते ही हैं कि लावण्या बहन ख्यात कवि-गीतकार पं.नरेन्द्र शर्मा (प्रथम प्रोड्यूसर : विविध भारती , जिन्होंने इस प्रसारण संस्था को विविध भारती नाम भी दिया) की सुपुत्री हैं.पं.शर्मा ने ज्योति कलश छलके(भाभी की चूड़ियाँ)सत्यं शिवं सुन्दरम (सत्यं,शिवं,सुन्दरम)राम का गुणगान करिये जैसे गीत और भक्ति पद रचे.
आइये मौक़ा भी है और दस्तूर भी लावण्या बेन को बधाई दें
शब्द का लावण्य हो
संस्कार की अनुगामिनी
स्नेह की तुम सुरसरी हो
संगीत की रस-भामिनी
सृजनशील हो संस्कार हो
भावना आत्मीयता का
प्रेममय विस्तार हो.