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Wednesday, April 23, 2008

नये ज़माने के बच्चे से एक इंटरव्यू

बेटा आपका नाम ?

कहाँ का बताऊ ? घर का,स्कूल का,दोस्तो का या दादा-दादी वाला.

द्रोणाचार्य के बारे में क्या जानते हो
?

आप ही बताइये..कहीं सुना ज़रूर था.शायद इंडियन क्रिकेट टीम के कोच के रूप में गैरी कर्स्टन के पहले इनका नाम तो नहीं चला था ?

स्कूल रोज़ जाते हो ?

ऐसा कोई नियम तो नहीं है लेकिन दो-तीन दिन में दोस्तो की याद तो आने ही लगती है;ह्फ़्ते में दो बार तो चला ही जाता हूं

बेटे आपके पर-दादा का नाम ?

जो पर यानी पराया हो उसका नाम याद रखने की क्या ज़रूरत है सर.

नहीं मै तो इस लिहाज़ से पूछ रहा हूं कि आपको याद है या नहीं ?


सर ग्रैण्ड पा का नाम याद रखने में ही मुश्किल पडती है; आप ग्रेट-ग्रेण्ड पा की बात कर रहे हैं.

आपके घर के पडो़स में कौन रहता है ?

मै उनकी लड़की का नाम बता सकता हूं ; उस घर के मालिक का नाम तो बताना मुश्किल है सर.

मंदिर कब गये थे ?


सर दादी का इन्तेक़ाल हुआ था तीन बरस पहले तो वो काँलोनियों में घुमाते हुए ले जाते हैं न आजकल ; वो उठावने के बाद् मंदिर तब गया था.

और पिक्चर ?

सर कल ही रात का नाइट शो देखा..जब वी मैट का आप कहें तो एक बार फ़िर चलते हैं .

अपने दादाजी से कब मिले थे ?

सर वो तो अलग रहते हैं न गाँव में ! तो साल भर में बमुश्किल दो बार मिलना हो पाता है.वे ही आ जाते हैं हमसे मिलने..वरना पापा को कहाँ टाइम मिल पाता है उनसे मिलने जाने का.

तुम्हारे चाचा के लड़्के का नाम क्या है ?

पाँसिबल नहीं बता पाना...चार पाँच चाचा और सब के दो - दो लड़के भी मान लें तो दस कज़िन्स के नाम याद रखना मुश्किल होता है..इज़ंट इट सर ?

और आपके यहां तो पांच - छह कुत्ते हैं ; उनमें से कितनों के नाम याद हैं तुम्हे.?

आँफ़कोर्स सबके सर

बडे़ होकर किस के जैसे बनना चाहते हो ?

सर माइकल जैक्सन या बैकहम

कोई भारतीय सितारा जमा ही नहीं आदर्श के रूप में ?

सर अपने यहाँ सारा मामला ढीला-ढाला है.

अभी मासिक इनकम क्या है ?

सर कुछ भी नहीं

तो हाथ में ये जो मोबाइल हैण्डसेट है उसके लिये पैसा कहाँ से लाते हो ?

सर इट्स नन आँफ़ माय बिज़नेस...डैड ही सब मैनेज करते हैं..मै तो लाइफ़ को एक फ़न की तरह लेता हूं.

अभी कहां चले ?

सर वेस्टर्न डांस प्रतियोगिता में भाग ले रहा हूं..तो शाम तक लौटूंगा.

मुझे देर हो रही है सर...बाकी़ बात बाद में....


ये है हमारे शहज़ादों का लाइफ़ - स्टाइल. इसमें चौंकने कोई बात है क्या ?

Monday, April 21, 2008

मुझे आपसे कुछ पूछना है.....?

बच्चे (बेटे/बेटी) के साथ कब बैठ कर टी.वी.देखा ?

-भीगते पानी में कब लाँग ड्राइव पर गये ?

-उसके स्कूल के annual day में पिछली बार कब गये थे आप ?

-बच्चे को किताबे/यूनिफ़ार्म दिलवाने आप क्यों नहीं जाते ? नौकर को क्यों भेजते हो ?

-उसके बर्थ-डे पर जब उसके दोस्त आपके घर आते हैं तो उनसे बात करने/ज\मौज मस्ती करने में क्या आप रूचि लेते हैं ?

-बच्चे के साथ बैठकर कम से कम एक खाना (लंच/डिनर) साथ क्यों नहीं खाते ?

-क्या आपको अपने बच्चे के दोस्तो के फ़ोन नम्बर्स मालूम हैं ?

-उसकी रिपोर्ट-कार्ड सिर्फ़ साइन कर देते हैं या देखते भी हैं कि उसे किस विषय में कितने मार्क मिले हैं ? अच्छे मार्क लाए तो क्या उसे कोई उपहार देते है/कम मार्क लाए तो प्रेम से उसके साथ बतियाते हैं ?

-कभी आपने उसे वह कहानी सुनाई है जो आपको आपके माता-पिता ने सुनाई थी ?

-क्या कभी अपने मूल वतन; अपने बाप-दादाओं के क़िस्से सुनाए हैं आपने?

-क्या अपने बचपन का कोई यादगार वाक़या आपने अपने बेटे/बेटी को सुनाया है ?

-क्या आपने अपनी शादी का एलबम अपने बच्चों के साथ तसल्ली से बैठ कर देखा है ?

-क्या कभी आपने अपनी बेटी/बेटे को कोई नाँवेल पढ़ कर सुनाया है ?

-क्या आपने कभी अपने बच्चे को बताया है कि सब्र,नेकी,इंसानियत,दया,सहायता,भाईचारे जैसे शब्द ज़िन्दगी में क्या महत्व रखते हैं ?

और एक आख़री सवाल ......

क्या आप अपने बच्चे को या उसकी बात को वैसा महत्व देते हैं जैसा आप अपने बाँस या अपने ग्राहक को देते हैं ....यानी गुणवत्ता भरा समय (quality time)

यदि नहीं .....तो आपसे मुझे कुछ नहीं कहना है...समय ही आपसे ये सवाल पूछेगा ..और शायद आपके पास उस वक्त इन प्रश्नों के कोई उत्तर न हों....मेरी बात का बुरा मत मानिये और सोचिये क्या ऐसा और भी कुछ है जो आप अपने नौनिहालों के साथ नहीं कर पा रहे हैं.....(मुझे आपसे कुछ नया सुनकर अच्छा नहीं लगेगा..जैसे ये सब पढ़कर आपको)